Wednesday, January 28, 2026

Anugrah ki Goonj

Praise and Thanks to our Gracious Lord Jesus Christ who gives us grace upon grace. This song is a testament to His abounding grace and god helped me to pen this song in January, 2026. Let this song always remind you of His abounding grace.

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टूटा मन लेकर, 

तेरे पास आते हैं

शब्द है नहीं, 

आसुओं को लाते हैं (2)


अनुग्रह की गूंज 

खुदा आज हमें सुना (2)

कोई और है नहीं

बस तू काफ़ी रहा (2)


हड्डी की तराइ में, 

ख़ुद को पाते हैं 

आत्मा से भर कर, 

यह गीत गाते हैं (2)



अनुग्रह की गूंज 

खुदा आज हमें सुना (2)

कोई और है नहीं

बस तू काफ़ी रहा (2)


निर्बलता में मेरे, 

तेरा सामर्थ उतरा है

दुख दर्द में गर्व करूँ, 

तेरे बल पर खड़ा रहूँ (2)



अनुग्रह की गूंज 

खुदा आज हमें सुना

कोई और है नहीं

बस तू काफ़ी रहा


जो कुछ भी हूँ मैं , 

वो तेरे प्रेम का सौग़ात

हर पल तू थामे मुझे , 

चाहे दिन हो या रात


अनुग्रह की गूंज 

खुदा आज हमें सुना

कोई और है नहीं

बस तू काफ़ी रहा


जीना मेरे लिए मसीह , 

मरना तो है लाभ 

मेरे कमज़ोरी में तेरी दया, 

अनुग्रह का है फुवार  (2)


अनुग्रह की गूंज 

खुदा आज हमें सुना

कोई और है नहीं

बस तू काफ़ी रहा

Sunday, January 25, 2026

Mera Desh Ho Kushal

Praise to our Lord God Almighty. This song was born out of a simple prayer that’s been on my heart for a while. As I look at our nation India and its beauty, diversity and struggles, I keep coming back to one thought - India is the land God has placed us in, and it matters deeply to Him and to us.

“मेरा देश हो कुशल” is a quiet prayer. A prayer for peace in our cities and villages, wisdom for those who lead, protection for the vulnerable, and hope for the next generation. The Bible reminds us that when the land we live in experiences peace and well-being, we do too.

As you read these lyrics, my hope is that they stir in you a burden for your home, your neighbourhoods, your workplaces, and for India as a whole. Not just on special days, but in everyday moments when we pause and say, “God, this is our country. Please watch over it.”

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देश हो कुशल तो हम भी रहेंगे कुशल 

इसकी शांति में बनता रहे हमारा सुंदर कल

भारत के ही वास्ते हम खोजेंगे तेरा मुख,

आते हैं हम इसके वास्ते आज तेरे सम्मुख


भारत है हमारा वतन, कितना प्यारा है खुदा 

इसकी मिट्टी की ख़ुशबू से ना है हम जुदा 

हर नगर, हर गांव, हर कोना, हर शहर 

यीशु के प्रेम की बारिश हो सदा इस पर


देश हो कुशल तो हम भी रहेंगे कुशल 

इसकी शांति में बनता रहे हमारा सुंदर कल

भारत के ही वास्ते हम खोजेंगे तेरा मुख,

आते हैं हम इसके वास्ते आज तेरे सम्मुख


अधिकारियों को दे बुद्धि, न्याय से चलें वे सब,

गरीबों को मिले सम्मान और अपना प्यारा हक़

हर भाषा, धर्म, जाति, समूह  बने प्रभु में एक,

नफरत की दीवारें टूटें,  तुझमें बना रहे प्रत्येक 


देश हो कुशल तो हम भी रहेंगे कुशल 

इसकी शांति में बनता रहे हमारा सुंदर कल

भारत के ही वास्ते हम खोजेंगे तेरा मुख,

आते हैं हम इसके वास्ते आज तेरे सम्मुख

 

हिमालय से सागर तक, तेरी नज़र बनी रहे,

हर खेत, हर सीमा पर, तेरी रक्षा रहे

नया भारत गढ़ दे प्रभु, सत्य और प्रेम से

पीढ़ी दर पीढ़ी चमके, यीशु तेरे नाम के यश से


देश हो कुशल तो हम भी रहेंगे कुशल 

इसकी शांति में बनता रहे हमारा सुंदर कल

भारत के ही वास्ते हम खोजेंगे तेरा मुख

आते हैं हम इसके वास्ते आज तेरे सम्मुख


भारत है हमारा वतन, कितना प्यारा है खुदा 

इसकी मिट्टी की ख़ुशबू से ना है हम जुदा 

हर नगर, हर गांव, हर कोना, हर शहर 

यीशु के प्रेम की बारिश हो सदा इस पर


देश हो कुशल तो हम भी रहेंगे कुशल 

इसकी शांति में बनता रहे हमारा सुंदर कल

देश हो कुशल तो हम भी रहेंगे कुशल

भारत के ही वास्ते हम खोजेंगे तेरा मुख,


Saturday, January 24, 2026

Ae Khuda

Thanks to the Almighty God whom we serve as a family! 

This song was originally penned at the end of the year 2013 as a testimony of how God provides for us as a family every day of lives. 

In 2026 God helped me to add and modify few verses of this song based on His word that is eternal for us as a family. May this be a song of His faithfulness for every family who trust in Him.


हर दिन जो गुज़रा है

दिन रात जो ढल गये

हर एक पल को याद कर

दिल गाना गाता है (2)


ऐ ख़ुदा तू है महान

जो कुछ हमने पाया

सब है तेरा ही दान (2)


फूल खिले थे पथ पर

राहों में काँटे मगर

जब भी हमने क़दम बढ़ाया

पाया तुझे उधर (2)


ऐ ख़ुदा तू हमारी ढाल

हर मुश्किल में तूने तोड़ी

शैतान की चाल (2)


हर आशीष का स्रोत है तू

तेरे संग करें गुफ़्तगू 

अपना मुख हम पर चमकाना

रक्षा करना हर पल (2)


ऐ ख़ुदा तू शरणस्थान

जब छुपते हम तुझमें 

पाते शांति ईमान (2)


हमें शालोम का वर देना 

संग तेरे दूतों की सेना

सामर्थ्य और शक्ति से भरना 

और धैर्य हमें देना (2)


ऐ ख़ुदा अल्फा ओमेगा 

तुझमें शुरू हो हर सुबह

और ख़त्म मेरी हर शाम (2)


Friday, January 23, 2026

Dhanyawad Mere Yishu

Thanks to Jesus! This is an improvisation and modification of the song that God gave me and Serin back in the last day of the year 2011 when we were set to welcome 2012.

We thank Jesus always for His grace and mercies upon our lives. He is our lamp and the light.


हर दिन हर डगर में तूने हमें चलाया है (2)

अन्न वस्त्र, सेहत, कृपा से हमें सजाया है (2)

ना थे काबिल, ना थे योग्य, फिर भी पाया है (2)

यह सब तेरे प्यार, दया, करुणा का साया है


धन्यवाद ओ प्रभु, धन्यवाद मेरे यीशु (2)

धन्यवाद मेरे रचने वाले, धन्यवाद मेरे पिता 

धन्यवाद  मेरे मित्र, धन्यवाद मेरे खुदा


सुबह सवेरे आशा लेकर तू संग आता है (2)

अविश्वास, डर और भय को दूर भगाता है (2)

ना हैं काबिल, ना हैं योग्य, फिर भी पाते हैं (2)

हर घड़ी हम तेरे प्यार की महिमा गाते हैं


धन्यवाद ओ प्रभु, धन्यवाद मेरे यीशु (2)

धन्यवाद मेरे रचने वाले, धन्यवाद मेरे पिता 

धन्यवाद  मेरे मित्र, धन्यवाद मेरे खुदा


तेरी योजना भलाई की हैं, हानि की नहीं (2)

दिशा भविष्य आशा, तू हमको देता है यहीं (2)

ना हैं काबिल, ना हैं योग्य, फिर भी आते हैं (2)

तेरे पथ पर चलकर हम सब यह गीत गाते हैं|


धन्यवाद ओ प्रभु, धन्यवाद मेरे यीशु (2)

धन्यवाद मेरे रचने वाले, धन्यवाद मेरे पिता 

धन्यवाद  मेरे मित्र, धन्यवाद मेरे खुदा

Sunday, January 18, 2026

Azaadi

God inspired me to write this song on Jan 18, 2026 after I delivered a word teaching at church on the topic "The Gospel Freedom" (Galatians 5:1)

Glory to God for His eternal freedom that He has given to us through Christ Jesus1

आज़ादी... आज़ादी...
दिया यीशु ने हमें 
मिलकर दे उसको सजदा
बोलें यीशु  की  जय (2)

उक़ाबों के समान
बादलों के दरमियान 
यीशु में  उड़ेंगे हम 
और  ना थकेंगे हम (2)

आज़ादी... आज़ादी...

दावूद के समान 
मिकलों के दरमियान 
यीशु में नाचेंगे हम 
और ना शर्मायें हम (2)

आज़ादी... आज़ादी...

दानिएल के समान 
शेरों के दरमियान 
यीशु में सुरक्षित हम 
और ना डरेंगे हम (2)

आज़ादी... आज़ादी...

मिरियम  के समान 
लाल समंदर के दरमियान 
यीशु में झूमेंगे  हम 
और आनंद मनाए हम (2)

आज़ादी... आज़ादी...